8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को मंजूरी मिलने के बाद से सरकारी दफ्तरों में एक ही चर्चा है—आखिर सैलरी कितनी बढ़ेगी? अभी तक नई सैलरी स्ट्रक्चर पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जानकारों के अनुमान और संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर गणित लगाया जा रहा है। फिलहाल वेतन व्यवस्था Seventh Central Pay Commission की सिफारिशों पर चल रही है, लेकिन अब उम्मीदें 8वें आयोग से जुड़ी हैं। समिति की अध्यक्षता जस्टिस Ranjana Prakash Desai कर रही हैं। माना जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया 2027 की दूसरी छमाही तक पूरी हो सकती है और त्योहारों के सीजन में लागू करने का ऐलान हो सकता है।
फिटमेंट फैक्टर कितना रह सकता है?
मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट्स की मानें तो 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.70 से 2.86 के बीच तय हो सकता है। अगर एक समान फिटमेंट फैक्टर सभी लेवल पर लागू किया गया, तो प्रतिशत के हिसाब से सबको बराबर फायदा मिलेगा, लेकिन ऊंचे पदों पर रुपये में बढ़ोतरी ज्यादा दिखेगी। यही वजह है कि लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक के कर्मचारी अपने-अपने हिसाब से गणना कर रहे हैं।
2.15 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बढ़ोतरी
अगर 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो लेवल 1 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹38,700 हो सकती है। यानी लगभग ₹20,700 का इजाफा।
लेवल 10 पर यह वेतन ₹56,100 से बढ़कर करीब ₹1,20,615 तक जा सकता है—करीब ₹64,515 की बढ़ोतरी।
वहीं लेवल 18 के वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी ₹2,50,000 से बढ़कर लगभग ₹5,37,500 तक पहुंच सकती है, यानी ₹2,87,500 का अंतर।
2.86 फिटमेंट फैक्टर पर क्या होगा असर?
अगर ऊपरी दायरे का 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो बढ़ोतरी और बड़ी दिखेगी।
लेवल 1 की सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 हो सकती है—₹33,480 की छलांग।
लेवल 3 के कर्मचारियों की सैलरी ₹21,700 से बढ़कर करीब ₹62,062 तक जा सकती है।
लेवल 6 पर ₹35,400 से बढ़कर ₹1,01,244 तक पहुंचने का अनुमान है।
लेवल 10 पर यह वेतन करीब ₹1,60,446 तक जा सकता है।
1.70 फिटमेंट फैक्टर पर निचले स्तर को राहत
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.70 ही तय होता है तो निचले स्तर के कर्मचारियों को सीमित लेकिन ठोस राहत मिलेगी।
लेवल 1 की सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹30,600 हो सकती है।
लेवल 3 पर ₹21,700 से ₹36,890 तक पहुंचने का अनुमान है।
लेवल 6 पर ₹35,400 से बढ़कर करीब ₹60,000 हो सकता है।
अंतिम फैसला किस पर निर्भर?
ध्यान रहे कि ये सभी आंकड़े संभावित गणनाओं पर आधारित हैं। असली तस्वीर तब साफ होगी जब आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा और केंद्र सरकार उस पर अंतिम मुहर लगाएगी। सैलरी के साथ-साथ पेंशन, भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी बदलाव संभव है। इसलिए कर्मचारियों के लिए अभी इंतजार ही सबसे बड़ा विकल्प है।
सीधी बात ये है—8वां वेतन आयोग जितना चर्चा में है, उतना ही सस्पेंस में भी। अब सबकी नजर अंतिम रिपोर्ट और सरकारी घोषणा पर टिकी है।
