MP Kisan Good News: मध्यप्रदेश में इस बार होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि किसानों के चेहरे पर खुशियों की भी हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दे दिए हैं कि 2 मार्च को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी गांव में होने वाली पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया जाएगा। 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और इसी कड़ी में सरकार होली के मौके पर अन्नदाताओं को सौगात देने की तैयारी में है। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर अपनी मंशा दोहराई है।
जनजातीय अंचल से होगी शुरुआत, नागलवाड़ी बनेगा केंद्र
राज्य में पहली बार कृषि कैबिनेट जनजातीय बहुल बड़वानी जिले के करीब 6 हजार आबादी वाले नागलवाड़ी गांव में आयोजित की जा रही है। 2 मार्च को होने वाली इस बैठक को ऐतिहासिक माना जा रहा है। पूरा मंत्री-मंडल दिनभर गांव में मौजूद रहेगा। कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, उद्योग समेत 17 विभागों को साथ लेकर खेती को “बगीचे से बाजार” तक लाभकारी बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
यहां कृषि और जनजातीय कल्याण पर आधारित प्रदर्शनी भी लगेगी। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री किसानों और प्रबुद्धजनों से सीधा संवाद करेंगे, ताकि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे और क्षेत्र की अपेक्षाएं समझी जा सकें।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। जैविक खेती को बढ़ावा, फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और बाजार उपलब्धता पर विशेष फोकस रहेगा। प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।
शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात के बाद भी सीएम ने 2 मार्च को किसानों के लिए सौगात की बात कही थी। इससे पहले भी उन्होंने इस घोषणा के संकेत दिए थे, जिसे अब ट्वीट के जरिए दोहराया गया है।
परंपरा और विकास का संगम
कृषि कैबिनेट के बाद मंत्री-मंडल नागलवाड़ी के करीब 800 साल पुराने भीलट देव मंदिर में दर्शन करेगा। साथ ही जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होगा। कार्यक्रमों में जनजातीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई देगी। सरकार का संदेश साफ है—विकास की मुख्यधारा में जनजातीय अंचल और किसान दोनों को बराबरी से स्थान मिलेगा।
कुल मिलाकर, होली से ठीक पहले होने वाली यह कृषि कैबिनेट सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं मानी जा रही, बल्कि किसानों के लिए बड़े फैसलों का मंच बन सकती है। अब सबकी नजर 2 मार्च पर टिकी है, जब नागलवाड़ी से किसानों के हित में नई घोषणाएं सामने आ सकती हैं।
